रात, स्टेशन और मोहब्बत ❤️🚉
“ उस रात स्टेशन पर सिर्फ एक ट्रेन नहीं छूटी थी … किसी का दिल भी पीछे छूट गया था। ” “ और जब सालों बाद वही दो लोग फिर उसी प्लेटफॉर्म पर मिले , तो किस्मत ने ऐसा खेल खेला जिसे कोई नहीं समझ पाया …” अध्याय 1: वो बारिश वाली रात दिल्ली जंक्शन रेलवे स्टेशन। रात के करीब 11 बजे थे। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की - हल्की बारिश हो रही थी। स्टेशन पर हमेशा की तरह भीड़ थी। कहीं चाय वालों की आवाजें गूंज रही थीं , तो कहीं यात्री अपने सामान के साथ भाग रहे थे। उसी भीड़ में एक लड़का प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर बैठा था। उसका नाम था आरव। हाथ में टिकट था और आंखों में ढेर सारे सपने। उसे मुंबई जाना था। नई नौकरी , नई जिंदगी और नए अवसर उसका इंतजार कर रहे थे। लेकिन उसे नहीं पता था कि उस रात उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सफर ट्रेन में नहीं ... बल्कि प्लेटफॉर्म पर शुरू होने वाला था। अध्याय 2: पहली मुलाकात अचानक तेज हवा चली। ...