कातिल हसीना | आखिर वो कौन थी?
“उस लड़की
की आंखों में इतना नशा था… कि लोग उसे देखते ही अपना दिल हार जाते थे।”
“लेकिन शहर में जो भी उससे प्यार करता… कुछ दिनों बाद वो या तो गायब हो जाता… या
मरा हुआ मिलता…”
मुंबई की रात
हमेशा की तरह चमक रही थी।
बारिश की हल्की
बूंदें सड़कों पर गिर रही थीं। क्लब्स में तेज म्यूजिक बज रहा था। उसी भीड़ के बीच
एक लड़की रेड ड्रेस में धीरे-धीरे बार काउंटर की तरफ बढ़ रही थी।
पूरा क्लब बस
उसे देख रहा था।
लंबे खुले बाल…
लाल होंठ…
और आंखों में ऐसा जादू… जिसे देखकर कोई भी पागल हो जाए।
उसका नाम था
— सानाया।
लेकिन शहर उसे
एक और नाम से जानता था…
“कातिल हसीना।”
रहस्यमयी
मुलाकात
उसी रात क्लब
में पहली बार कबीर ने उसे देखा।
कबीर एक crime
journalist था। पिछले तीन महीनों से वो शहर में हो रही mysterious मौतों
की investigation कर रहा था।
हर केस में
एक चीज common थी—
मरने से पहले
आखिरी बार victims को एक खूबसूरत लड़की के साथ देखा गया था।
और वो लड़की
हमेशा सानाया होती थी।
कबीर उसकी तरफ बढ़ा।
“Can I
buy you a drink?”
सानाया मुस्कुराई।
“तुम्हें लगता
है सिर्फ एक ड्रिंक से मैं impress हो जाऊंगी?”
कबीर उसकी आंखों
में खोता जा रहा था।
उस रात दोनों
घंटों साथ बैठे।
पहली बार कबीर
किसी लड़की से इतना attract हुआ था।
लेकिन उसके
दिल में एक डर भी था…
क्या सच में
ये वही लड़की है… जिससे पूरा शहर डरता है?
धीरे-धीरे
बढ़ता प्यार
अगले कुछ दिनों
में कबीर और सानाया रोज मिलने लगे।
Late
night drives…
बारिश में long walks…
समुद्र किनारे endless बातें…
सानाया हर बार
कबीर को थोड़ा और अपने करीब ले आती।
लेकिन उसकी
जिंदगी अब भी एक mystery थी।
ना कोई
family…
ना कोई पुराना दोस्त…
ना कोई social media…
जैसे वो लड़की
अचानक कहीं से आई हो।
एक रात कबीर
ने पूछा—
“तुम्हारे
past में ऐसा क्या है… जिसे तुम सबसे छुपाती हो?”
सानाया कुछ
पल चुप रही।
फिर धीरे से
बोली—
“कुछ सच जानने
के बाद लोग जिंदा नहीं रहते…”
कबीर हल्का
सा हंस पड़ा।
लेकिन सानाया
नहीं हंसी।
Suspense
Begins…
उसी रात कबीर
को एक anonymous letter मिला।
उसमें लिखा
था—
“अगर जिंदा
रहना चाहते हो… तो सानाया से दूर हो जाओ।”
कबीर डर गया।
लेकिन प्यार
अब उसके ऊपर हावी हो चुका था।
उसने warning
ignore कर दी।
लेकिन अगले
दिन…
उसके दोस्त
और fellow journalist राहुल की dead body मिली।
और उसकी मुट्ठी
में सानाया की फोटो थी।
कबीर के पैरों
तले जमीन खिसक गई।
सबसे बड़ा
राज
कबीर ने
secretly सानाया का पीछा करना शुरू किया।
एक रात उसने
देखा कि सानाया शहर के बाहर एक पुरानी हवेली में गई।
कबीर भी उसके
पीछे अंदर पहुंच गया।
हवेली पूरी
तरह अंधेरे में डूबी थी।
तभी ऊपर से
किसी लड़की की चीख सुनाई दी।
कबीर दौड़कर
ऊपर गया…
और जो उसने
देखा, उससे उसकी सांसें रुक गईं।
कमरे में चारों
तरफ पुरानी तस्वीरें टंगी थीं।
हर तस्वीर में
वो आदमी थे… जो पिछले कुछ महीनों में मारे गए थे।
और उन सबके
साथ सानाया थी।
तभी पीछे से
आवाज आई—
“तुम्हें यहां
नहीं आना चाहिए था…”
कबीर पलटा।
सानाया उसके
सामने खड़ी थी।
आंखों में आंसू…
और हाथ में
बंदूक।
“मैं कातिल
नहीं हूं…”
कबीर गुस्से
में चिल्लाया—
“आखिर तुम हो
कौन?!”
सानाया रोने
लगी।
“मैंने किसी
को नहीं मारा…”
“तो ये सब क्या
है?!”
सानाया ने सच
बताया।
दरअसल…
वो एक undercover
agent थी।
शहर के कुछ
powerful businessmen illegal human trafficking racket चला रहे थे।
जो लोग मारे
गए… वो उसी racket का हिस्सा थे।
“मैं सबूत इकट्ठा
कर रही थी,” सानाया बोली।
“लेकिन अब उन्हें
पता चल चुका है कि मैं कौन हूं…”
कबीर की आंखें
भर आईं।
उसे पहली बार
एहसास हुआ कि सानाया सिर्फ खूबसूरत नहीं… बेहद टूटी हुई लड़की भी थी।
आखिरी ट्विस्ट
तभी हवेली की
सारी लाइट्स जल उठीं।
चारों तरफ
armed men खड़े थे।
उनके बीच शहर
का सबसे बड़ा businessman विक्रम मल्होत्रा खड़ा था।
वो हंसने लगा।
“Love
story खत्म हो गई?”
सानाया ने कबीर
का हाथ कसकर पकड़ लिया।
“भागो!”
लेकिन कबीर
नहीं भागा।
“इस बार नहीं…”
तभी अचानक बाहर
पुलिस की सायरन गूंज उठी।
दरअसल…
कबीर ने पहले
ही अपनी पूरी investigation live server पर upload कर दी थी।
कुछ ही मिनटों
में पुलिस ने पूरी हवेली घेर ली।
विक्रम और उसके
आदमी गिरफ्तार हो गए।
नई शुरुआत
सुबह होने लगी
थी।
बारिश रुक चुकी
थी।
सानाया समुद्र
किनारे खड़ी सूरज को उगते हुए देख रही थी।
कबीर पीछे से
आया।
“अब तो कोई
डर नहीं है…”
सानाया मुस्कुराई।
“डर अभी भी
है।”
“किस बात का?”
सानाया धीरे
से उसके करीब आई।
“तुम्हें खोने
का…”
कबीर हंस पड़ा।
उसने सानाया
को अपनी बाहों में भर लिया।
और पहली बार…
“कातिल हसीना”
सिर्फ एक खतरनाक लड़की नहीं…
किसी की सच्ची मोहब्बत बन चुकी थी। ❤️
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